देश के सबसे बड़े राज्य की राजधानी लखनऊ की बात ही निराली है | यहाँ की संस्कृति,यहाँ की आबों-हवा में एक जादू सा है| इसलिए हर किसी को लखनऊ अपना सा लगता है |

यहाँ पर प्राचीन समय के कितने सारे निशान है | यहाँ पर हर साल लाखो पर्यटक घूमने के लिए आते है | यहाँ पर प्राचीन समय में बनाया गया किला और कई सौ साल पुरानी भूल भुलैया भी है |

यहाँ पर बड़ा इमामबाडा और छोटा इमामबाडा भी है | ये प्राचीन समय की चीजे ही पर्यटक को लखनऊ की तरफ आकर्षित करती है |
समय के साथ -साथ लखनऊ में भी काफी बदलाव होते चले गये है | अब तो लखनऊ और भी प्रसिद्ध होता जा रहा है | हल ही में लखनऊ में एशिया का सबसे बड़ा पार्क जेनेश्वर मिश्र पार्क बनाया गया है जो की पूरे एशिया का सबसे बड़ा पार्क है | दूर -दूर से लोग इस पार्क को देखने और घूमने के लिए आते है |
लखनऊ में गोमती नदी बहती है जिस से की लखनऊ की सुन्दरता और बढ़ जाती है | यहाँ पर गोमती नदी पर रिवर फ्रंट बनाया गया है जो की देखने में बहुत ही खूबसूरत लगता है |
रात को तो लखनऊ की खूबसूरती और भी बढ़ -चढ़ कर नज़र आती है | यहाँ पर बड़े बड़े चौराहे है जिसे बहुत ही खूबसूरती के बनाया और सजाया गया है | हर चौराहों पर FOUNTAIN और लाइट्स लगी है जिस से रात को पूरा लखनऊ चमक उठता है |

लखनऊ का चिड़ियाघर तो पूरे देश में प्रसिद्ध है , यहाँ पर तरह - तरह के देश -विदेश के जानवर देखने को मिलते है | घूमने के लिए लखनऊ का चिड़ियाघर नंबर १ पर आता है | सन्डे के दिन दो चिड़िया घर में पैर रखने की जगह तक नहीं होती इतनी भीड़ होती है यहाँ |
खाने के मामले में भी लखनऊ सबसे आगे आगे है | यहाँ पर आपको एक से एक लज़ीज़ पकवान खाने को मिलेंगे जिसका आपने कभी नाम भी नही सुना होगा | यहाँ पर लोग होटल का खाना खाने से ज्यादा STREET FOOD खाना पसंद करते है | यहाँ पर बहुत तरह की खाने की चीज़े मिलती है जैसे ; बालूशाही , खस्ता , समोसा , चोव्मीन , पानी के बतासे , पकौड़ी चाट , टुंडे कवाब , कवाब ., अंडा रोल ., पेटीज , आदि और भी बहुत सरे चीजे है जिसे मै अगर बताने लगा तो पूरा एक पेज खाने की चीजों से ही भर जायेगा |


लखनऊ के लोग बहुत ही सीधे और सरल स्वभाव के होते है | यहाँ की भाषा अपने आप में खास है | यहाँ के लोग अगर कही और भी जाये तो पता चल ही जायेगा की ये लखनऊ के रहने वाले है | यहाँ की भाषा में "मैं" नही "हम" का प्रयोग किया जाता है |
सच में लखनऊ शहर की जितनी तारीफ की जाये कम ही है | लखनवी तहज़ीब अपने आप में ही महान है ., इसे ऐसे ही नवाबो का शहर नही कहा जाता है |
अगर आपको लखनऊ के बारे में और जानना है तो एक बार लखनऊ ज़रूर आइये , फिर आप भी कहेंगे " मुस्कुराइए आप लखनऊ में है " |
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